२. खन्धयमकं
१. पण्णत्तिवारो
(क) उद्देसो
१.पञ्चक्खन्धा – रूपक्खन्धो, वेदनाक्खन्धो, सञ्ञाक्खन्धो, सङ्खारक्खन्धो, विञ्ञाणक्खन्धो।
१. पदसोधनवारो
(क) अनुलोमं
२.(क) रूपं रूपक्खन्धो?
(ख) रूपक्खन्धो रूपं?
(क) वेदना वेदनाक्खन्धो?
(ख) वेदनाक्खन्धो वेदना?
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञा?
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धो?
(ख) सङ्खारक्खन्धो सङ्खारा?
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) विञ्ञाणक्खन्धो विञ्ञाणं?
(ख) पच्चनीकं
३.(क) न रूपं न रूपक्खन्धो?
(ख) न रूपक्खन्धो न रूपं?
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धो?
(ख) न वेदनाक्खन्धो न वेदना?
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) न सञ्ञाक्खन्धो न सञ्ञा?
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धो?
(ख) न सङ्खारक्खन्धो न सङ्खारा?
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) न विञ्ञाणक्खन्धो न विञ्ञाणं?
२. पदसोधनमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
४.(क) रूपं रूपक्खन्धो?
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धो?
(क) रूपं रूपक्खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धो?
(क) रूपं रूपक्खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धो?
(क) रूपं रूपक्खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धो?
५.(क) वेदना वेदनाक्खन्धो?
(ख) खन्धा रूपक्खन्धो?
(क) वेदना वेदनाक्खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धो?
(क) वेदना वेदनाक्खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धो?
(क) वेदना वेदनाक्खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धो?
६.(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) खन्धा रूपक्खन्धो?
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धो?
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धो?
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धो?
७.(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धो?
(ख) खन्धा रूपक्खन्धो?
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धो?
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धो?
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धो?
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धो?
८.(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) खन्धा रूपक्खन्धो?
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धो?
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धो?
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धो?
(ख) पच्चनीकं
९.(क) न रूपं न रूपक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धो?
(क) न रूपं न रूपक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो?
(क) न रूपं न रूपक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धो?
(क) न रूपं न रूपक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो?
१०.(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धो?
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो?
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धो?
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो?
११.(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धो?
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धो?
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धो?
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो?
१२.(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धो?
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धो?
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो?
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो?
१३.(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धो?
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धो?
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो?
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धो?
३. सुद्धखन्धवारो
(क) अनुलोमं
१४.(क) रूपं खन्धो?
(ख) खन्धा रूपं?
(क) वेदना खन्धो?
(ख) खन्धा वेदना?
(क) सञ्ञा खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञा?
(क) सङ्खारा खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारा?
(क) विञ्ञाणं खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणं?
(ख) पच्चनीकं
१५.(क) न रूपं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपं?
(क) न वेदना न खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदना?
(क) न सञ्ञा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञा?
(क) न सङ्खारा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारा?
(क) न विञ्ञाणं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणं?
४. सुद्धखन्धमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
१६.(क) रूपं खन्धो?
(ख) खन्धा वेदना?
(क) रूपं खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञा?
(क) रूपं खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारा?
(क) रूपं खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणं?
१७.(क) वेदना खन्धो?
(ख) खन्धा रूपं?
(क) वेदना खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञा?
(क) वेदना खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारा?
(क) वेदना खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणं?
१८.(क) सञ्ञा खन्धो?
(ख) खन्धा रूपं?
(क) सञ्ञा खन्धो?
(ख) खन्धा वेदना?
(क) सञ्ञा खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारा?
(क) सञ्ञा खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणं?
१९.(क) सङ्खारा खन्धो?
(ख) खन्धा रूपं?
(क) सङ्खारा खन्धो?
(ख) खन्धा वेदना?
(क) सङ्खारा खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञा?
(क) सङ्खारा खन्धो?
(ख) खन्धा विञ्ञाणं?
२०.(क) विञ्ञाणं खन्धो?
(ख) खन्धा रूपं?
(क) विञ्ञाणं खन्धो?
(ख) खन्धा वेदना?
(क) विञ्ञाणं खन्धो?
(ख) खन्धा सञ्ञा?
(क) विञ्ञाणं खन्धो?
(ख) खन्धा सङ्खारा?
(ख) पच्चनीकं
२१.(क) न रूपं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदना?
(क) न रूपं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञा?
(क) न रूपं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारा?
(क) न रूपं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणं?
२२.(क) न वेदना न खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपं?
(क) न वेदना न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञा?
(क) न वेदना न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारा?
(क) न वेदना न खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणं?
२३.(क) न सञ्ञा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपं?
(क) न सञ्ञा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदना?
(क) न सञ्ञा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारा?
(क) न सञ्ञा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणं?
२४.(क) न सङ्खारा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपं?
(क) न सङ्खारा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदना?
(क) न सङ्खारा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञा?
(क) न सङ्खारा न खन्धो?
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणं?
२५.(क) न विञ्ञाणं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न रूपं?
(क) न विञ्ञाणं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न वेदना?
(क) न विञ्ञाणं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सञ्ञा?
(क) न विञ्ञाणं न खन्धो?
(ख) न खन्धा न सङ्खारा?
पण्णत्तिउद्देसवारो।
(ख) निद्देसो
१. पण्णत्तिवारनिद्देस
१. पदसोधनवारो
(क) अनुलोमं
२६.(क) रूपं रूपक्खन्धोति?
पियरूपं सातरूपं रूपं, न रूपक्खन्धो। रूपक्खन्धो रूपञ्चेव रूपक्खन्धो च।
(ख) रूपक्खन्धो रूपन्ति? आमन्ता।
(क) वेदना वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) वेदनाक्खन्धो वेदनाति? आमन्ता।
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धोति?
दिट्ठिसञ्ञा सञ्ञा, न सञ्ञाक्खन्धो। सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञा चेव सञ्ञाक्खन्धो च।
(ख) सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञाति? आमन्ता।
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा सङ्खारा [अवसेसा सङ्खारा सङ्खारा (स्या॰)], न सङ्खारक्खन्धो। सङ्खारक्खन्धो सङ्खारा चेव सङ्खारक्खन्धो च।
(ख) सङ्खारक्खन्धो सङ्खाराति? आमन्ता।
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) विञ्ञाणक्खन्धो विञ्ञाणन्ति? आमन्ता।
(ख) पच्चनीकं
२७.(क) न रूपं न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न रूपक्खन्धो न रूपन्ति?
पियरूपं सातरूपं न रूपक्खन्धो, रूपं। रूपञ्च रूपक्खन्धञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव रूपं न च रूपक्खन्धो।
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न वेदनाक्खन्धो न वेदनाति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न सञ्ञाक्खन्धो न सञ्ञाति?
दिट्ठिसञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धो, सञ्ञा। सञ्ञञ्च सञ्ञाक्खन्धञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सञ्ञा न च सञ्ञाक्खन्धो।
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न सङ्खारक्खन्धो न सङ्खाराति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा न सङ्खारक्खन्धो, सङ्खारा। सङ्खारे च सङ्खारक्खन्धञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सङ्खारा न च सङ्खारक्खन्धो।
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न विञ्ञाणक्खन्धो न विञ्ञाणन्ति? आमन्ता।
२. पदसोधनमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
२८.(क) रूपं रूपक्खन्धोति?
पियरूपं सातरूपं रूपं, न रूपक्खन्धो। रूपक्खन्धो रूपञ्चेव रूपक्खन्धो च।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च।
अवसेसा खन्धा [अवसेसा खन्धा खन्धा (स्या॰) एवमुपरिपि] न वेदनाक्खन्धो।
(क) रूपं रूपक्खन्धोति?
पियरूपं सातरूपं रूपं, न रूपक्खन्धो। रूपक्खन्धो रूपञ्चेव रूपक्खन्धो च।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) रूपं रूपक्खन्धोति?
पियरूपं सातरूपं रूपं, न रूपक्खन्धो। रूपक्खन्धो रूपञ्चेव रूपक्खन्धो च।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(क) रूपं रूपक्खन्धोति?
पियरूपं सातरूपं रूपं, न रूपक्खन्धो। रूपक्खन्धो रूपञ्चेव रूपक्खन्धो च।
२९.(क) वेदना वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) वेदना वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) वेदना वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(क) वेदना वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धोति?
विञ्ञाणक्खन्धो खन्धो चेव विञ्ञाणक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो।
३०.(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धोति?
दिट्ठिसञ्ञा सञ्ञा, न सञ्ञाक्खन्धो। सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञा चेव सञ्ञाक्खन्धो च।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धोति?
दिट्ठिसञ्ञा सञ्ञा, न सञ्ञाक्खन्धो। सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञा चेव सञ्ञाक्खन्धो च।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धोति?
दिट्ठिसञ्ञा सञ्ञा, न सञ्ञाक्खन्धो। सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञा चेव सञ्ञाक्खन्धो च।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(क) सञ्ञा सञ्ञाक्खन्धोति?
दिट्ठिसञ्ञा सञ्ञा, न सञ्ञाक्खन्धो। सञ्ञाक्खन्धो सञ्ञा चेव सञ्ञाक्खन्धो च।
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धोति?
३१.(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा सङ्खारा, न सङ्खारक्खन्धो। सङ्खारक्खन्धो सङ्खारा चेव सङ्खारक्खन्धो च।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा सङ्खारा, न सङ्खारक्खन्धो। सङ्खारक्खन्धो सङ्खारा चेव सङ्खारक्खन्धो च।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा सङ्खारा, न सङ्खारक्खन्धो। सङ्खारक्खन्धो सङ्खारा चेव सङ्खारक्खन्धो च।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) सङ्खारा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धं ठपेत्वा अवसेसा सङ्खारा, न सङ्खारक्खन्धो। सङ्खारक्खन्धो सङ्खारा चेव सङ्खारक्खन्धो च।
३२.(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) विञ्ञाणं विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(ख) पच्चनीकं
३३.(क) न रूपं न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न रूपं न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न रूपं न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न रूपं न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
३४.(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न वेदना न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
३५.(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
३६.(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धोति। आमन्ता।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सङ्खारा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
३७.(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न विञ्ञाणं न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
३. सुद्धखन्धवारो
(क) अनुलोमं
३८.(क) रूपं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) वेदना खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) सञ्ञा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) सङ्खारा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(क) विञ्ञाणं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धोति?
विञ्ञाणक्खन्धो खन्धो चेव विञ्ञाणक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो।
(ख) पच्चनीकं
३९.(क) न रूपं न खन्धोति?
रूपं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न रूपं, खन्धा। रूपञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव रूपं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न वेदना न खन्धोति?
वेदनं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न वेदना, खन्धा। वेदनञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव वेदना न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न खन्धोति?
सञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न सञ्ञा, खन्धा। सञ्ञञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सञ्ञा न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सङ्खारा न खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न विञ्ञाणं न खन्धोति?
विञ्ञाणं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणं, खन्धा। विञ्ञाणञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव विञ्ञाणं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
४. सुद्धखन्धमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
४०.(क) रूपं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) रूपं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) रूपं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(क) रूपं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धोति?
विञ्ञाणक्खन्धो खन्धो चेव विञ्ञाणक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो।
४१.(क) वेदना खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) वेदना खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) वेदना खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(क) वेदना खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धोति?
विञ्ञाणक्खन्धो खन्धो चेव विञ्ञाणक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो।
४२.(क) सञ्ञा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) सञ्ञा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) सञ्ञा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(क) सञ्ञा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धोति?
विञ्ञाणक्खन्धो खन्धो चेव विञ्ञाणक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो।
४३.(क) सङ्खारा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) सङ्खारा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) सङ्खारा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) सङ्खारा खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा विञ्ञाणक्खन्धोति?
विञ्ञाणक्खन्धो खन्धो चेव विञ्ञाणक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धो।
४४.(क) विञ्ञाणं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा रूपक्खन्धोति?
रूपक्खन्धो खन्धो चेव रूपक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न रूपक्खन्धो।
(क) विञ्ञाणं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा वेदनाक्खन्धोति?
वेदनाक्खन्धो खन्धो चेव वेदनाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न वेदनाक्खन्धो।
(क) विञ्ञाणं खन्धोति?
आमन्ता।
(ख) खन्धा सञ्ञाक्खन्धोति?
सञ्ञाक्खन्धो खन्धो चेव सञ्ञाक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सञ्ञाक्खन्धो।
(क) विञ्ञाणं खन्धोति? आमन्ता।
(ख) खन्धा सङ्खारक्खन्धोति?
सङ्खारक्खन्धो खन्धो चेव सङ्खारक्खन्धो च। अवसेसा खन्धा न सङ्खारक्खन्धो।
(ख) पच्चनीकं
४५.(क) न रूपं न खन्धोति?
रूपं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न रूपं, खन्धा। रूपञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव रूपं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न रूपं न खन्धोति?
रूपं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न रूपं, खन्धा। रूपञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव रूपं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न रूपं न खन्धोति?
रूपं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न रूपं, खन्धा। रूपञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव रूपं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न रूपं न खन्धोति?
रूपं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न रूपं, खन्धा। रूपञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव रूपं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
४६.(क) न वेदना न खन्धोति?
वेदनं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न वेदना, खन्धा। वेदनञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव वेदना न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न वेदना न खन्धोति?
वेदनं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न वेदना, खन्धा। वेदनञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव वेदना न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न वेदना न खन्धोति?
वेदनं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न वेदना, खन्धा। वेदनञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव वेदना न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न वेदना न खन्धोति?
वेदनं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न वेदना, खन्धा। वेदनञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव वेदना न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
४७.(क) न सञ्ञा न खन्धोति?
सञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न सञ्ञा, खन्धा। सञ्ञञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सञ्ञा न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न खन्धोति?
सञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न सञ्ञा, खन्धा। सञ्ञञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सञ्ञा न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न खन्धोति?
सञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न सञ्ञा, खन्धा। सञ्ञञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सञ्ञा न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सञ्ञा न खन्धोति?
सञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न सञ्ञा, खन्धा। सञ्ञञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सञ्ञा न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
४८.(क) न सङ्खारा न खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सङ्खारा न खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सङ्खारा न खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न सङ्खारा न खन्धोति? आमन्ता।
(ख) न खन्धा न विञ्ञाणक्खन्धोति? आमन्ता।
४९.(क) न विञ्ञाणं न खन्धोति?
विञ्ञाणं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणं, खन्धा। विञ्ञाणञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव विञ्ञाणं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न रूपक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न विञ्ञाणं न खन्धोति?
विञ्ञाणं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणं, खन्धा। विञ्ञाणञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव विञ्ञाणं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न वेदनाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न विञ्ञाणं न खन्धोति?
विञ्ञाणं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणं, खन्धा। विञ्ञाणञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव विञ्ञाणं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सञ्ञाक्खन्धोति? आमन्ता।
(क) न विञ्ञाणं न खन्धोति?
विञ्ञाणं ठपेत्वा अवसेसा खन्धा न विञ्ञाणं, खन्धा। विञ्ञाणञ्च खन्धे च ठपेत्वा अवसेसा न चेव विञ्ञाणं न च खन्धा।
(ख) न खन्धा न सङ्खारक्खन्धोति? आमन्ता।
पण्णत्तिनिद्देसवारो।
२. पवत्तिवारो १. उप्पादवारो
(१) पच्चुप्पन्नवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
५०.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ख) अनुलोमओकासो
५१.(क) यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति ?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
५२.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
५३.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(ङ) पच्चनीकओकासो
५४.(क) यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
५५.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(२) अतीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
५६.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) अनुलोमओकासो
५७.(क) यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति ?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
५८.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
५९.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ङ) पच्चनीकओकासो
६०.(क) यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति ? उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
६१.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
(क) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
(३) अनागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
६२.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
ये अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) अनुलोमओकासो
६३.(क) यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
६४.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
६५.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
ये अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं रूपक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ङ) पच्चनीकओकासो
६६.(क) यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
६७.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(४) पच्चुप्पन्नातीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
६८.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
६९.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ख) अनुलोमओकासो
७०.(क) यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
७१.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
७२.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ। इतरेसं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ , नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
७३.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
७४.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति? नत्थि।
७५.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति ? उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति? नत्थि।
(ङ) पच्चनीकओकासो
७६.(क) यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
७७.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति? आमन्ता।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
७८.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
७९.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(५) पच्चुप्पन्नानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
८०.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति ।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
८१.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति ?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ख) अनुलोमओकासो
८२.(क) यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
८३.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
८४.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति ?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
८५.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
८६.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति ?
सब्बेसं चवन्तानं अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं तेसं रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं तेसं वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
८७.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं [पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं (सी॰ स्या॰)] तेसं सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति। परिनिब्बन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(ङ) पच्चनीकओकासो
८८.(क) यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
८९.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति? आमन्ता।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
९०.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
९१.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति। परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(६) अतीतानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
९२.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
९३.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) अनुलोमओकासो
९४.(क) यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
९५.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
९६.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
९७.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
९८.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
९९.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१००.(क) यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
१०१.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१०२.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। सुद्धावासानं अरूपे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं अरूपे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
१०३.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
उप्पादवारो निट्ठितो।
२. पवत्ति २. निरोधवारो
(१) पच्चुप्पन्नवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१०४.(क) यस्स रूपक्खन्धो निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स रूपक्खन्धो निरुज्झतीति?
अरूपा चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
(ख) अनुलोमओकासो
१०५.(क) यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति । पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झतीति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति, नो च तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१०६.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झतीति?
अरूपा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१०७.(क) यस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
अरूपा चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च न निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झतीति?
असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं रूपक्खन्धो न निरुज्झति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति रूपक्खन्धो च न निरुज्झति।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१०८.(क) यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति? निरुज्झति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झतीति? निरुज्झति।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१०९.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
अरूपा चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झतीति?
असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति रूपक्खन्धो च न निरुज्झति।
(२) अतीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
११०.(क) यस्स रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) अनुलोमओकासो
१११.(क) यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झत्थ, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
११२.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
११३.(क) यस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? नत्थि।
(ङ) पच्चनीकओकासो
११४.(क) यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
११५.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?
अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झित्थ।
(३) अनागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
११६.(क) यस्स रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं अरूपं उपपज्जन्तानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) अनुलोमओकासो
११७.(क) यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
११८.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झिस्सति। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
११९.(क) यस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं अरूपं उपपज्जन्तानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१२०.(क) यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? निरुज्झिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? निरुज्झिस्सति।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१२१.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(४) पच्चुप्पन्नातीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१२२.(क) यस्स रूपक्खन्धो निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो निरुज्झतीति?
सब्बेसं उपपज्जन्तानं अरूपा चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
१२३.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
सब्बेसं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झति। चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति।
(ख) अनुलोमओकासो
१२४.(क) यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झतीति ?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
१२५.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति? आमन्ता।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१२६.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ। इतरेसं पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झतीति?
पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
१२७.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ। इतरेसं चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति। चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१२८.(क) यस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झतीति? नत्थि।
१२९.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति? नत्थि।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१३०.यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति (यत्थकं परिपुण्णं कातब्बं)।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१३१.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?
पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ। सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झतीति?
सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति। सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झति।
१३२.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?
चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ। सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति। सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(५) पच्चुप्पन्नानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१३३.(क) यस्स रूपक्खन्धो निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारा चवन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो निरुज्झतीति?
सब्बेसं उपपज्जन्तानं अरूपा चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
१३४.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
सब्बेसं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झति। चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो निरुज्झति।
(ख) अनुलोमओकासो
१३५.यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१३६.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झतीति?
पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च निरुज्झति।
१३७.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति। चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१३८.(क) यस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
सब्बेसं उपपज्जन्तानं अरूपा चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च न निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झतीति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो न निरुज्झति। अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च न निरुज्झति।
१३९.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति? निरुज्झति।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१४०.यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१४१.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। अरूपे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झतीति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झति। अरूपे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च न निरुज्झति।
१४२.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(६) अतीतानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१४३.(क) यस्स रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं तेसं रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
१४४.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) अनुलोमओकासो
१४५.यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१४६.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो निरुज्झित्थ। इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
१४७.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१४८.(क) यस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ।
१४९.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? निरुज्झित्थ।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१५०.यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१५१.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च न निरुज्झित्थ, वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो न निरुज्झित्थ। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च न निरुज्झित्थ।
१५२.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?
परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ।
निरोधवारो।
३. उप्पादनिरोधवारो
(१) पच्चुप्पन्नवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१५३.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति? नो।
१५४.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति? नो।
(ख) अनुलोमओकासो
१५५.(क) यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति। पञ्चवोकारे तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
अरूपे तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति, नो च तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारे तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
१५६.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झति तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१५७.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति? नो।
१५८.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति? नो।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१५९.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति। अरूपं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। अरूपं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
१६०.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झति। असञ्ञसत्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति। असञ्ञसत्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१६१.(क) यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति? निरुज्झति।
(ख) यत्थ वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
१६२.(क) यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झति तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति? आमन्ता।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१६३.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति। अरूपं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति ?
पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। अरूपं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
१६४.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति।
(२) अतीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१६५.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
१६६.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) अनुलोमओकासो
१६७.यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१६८.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
१६९.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१७०.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? नत्थि।
१७१.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१७२.यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१७३.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति?
अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झित्थ, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
१७४.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(३) अनागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१७५.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
१७६.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(ख) अनुलोमओकासो
१७७.यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१७८.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
१७९.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जिस्सति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१८०.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
१८१.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१८२.यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१८३.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति।
१८४.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जिस्सति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(४) पच्चुप्पन्नातीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१८५.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स वदनाक्खन्धो निरुज्झित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झित्थ, नो च तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झित्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति…पे॰…।
(यथा उप्पादवारे पच्चुप्पन्नातीतं विभत्तं तथा इध विभजितब्बं)।
(५) पच्चुप्पन्नानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१८६.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
१८७.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(ख) अनुलोमओकासो
१८८.यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१८९.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जति। पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जति।
१९०.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जति।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
१९१.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अरूपं उपपज्जन्तानं तेसं रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति? आमन्ता।
१९२.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ङ) पच्चनीकओकासो
१९३.यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
१९४.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जति। परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जति।
१९५.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जति सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जतीति? आमन्ता।
(६) अतीतानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१९६.(क) यस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं तेसं रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति ।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
१९७.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं तेसं वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) अनुलोमओकासो
१९८.यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
१९९.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो उप्पज्जित्थ। इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
२००.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सतीति?
परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च उप्पज्जित्थ।
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
२०१.(क) यस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
२०२.(क) यस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ङ) पच्चनीकओकासो
२०३.यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
२०४.(क) यस्स यत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं अरूपानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति, नो च तेसं तत्थ रूपक्खन्धो नुप्पज्जित्थ । सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं अरूपे परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति रूपक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
२०५.(क) यस्स यत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति तस्स तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थाति?
परिनिब्बन्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो न निरुज्झिस्सति , नो च तेसं तत्थ वेदनाक्खन्धो नुप्पज्जित्थ । सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सञ्ञाक्खन्धो च न निरुज्झिस्सति वेदनाक्खन्धो च नुप्पज्जित्थ।
उप्पादनिरोधवारो।
पवत्तिवारो निट्ठितो।
३. परिञ्ञावारो
१. पच्चुप्पन्नवारो
२०६.(क) यो रूपक्खन्धं परिजानाति सो वेदनाक्खन्धं परिजानातीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं परिजानाति सो रूपक्खन्धं परिजानातीति? आमन्ता।
(क) यो रूपक्खन्धं न परिजानाति सो वेदनाक्खन्धं न परिजानातीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं न परिजानाति सो रूपक्खन्धं न परिजानातीति? आमन्ता।
२. अतीतवारो
२०७.(क) यो रूपक्खन्धं परिजानित्थ सो वेदनाक्खन्धं परिजानित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं परिजानित्थ सो रूपक्खन्धं परिजानित्थाति? आमन्ता।
(क) यो रूपक्खन्धं न परिजानित्थ सो वेदनाक्खन्धं न परिजानित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं न परिजानित्थ सो रूपक्खन्धं न परिजानित्थाति? आमन्ता।
३. अनागतवारो
२०८.(क) यो रूपक्खन्धं परिजानिस्सति सो वेदनाक्खन्धं परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं परिजानिस्सति सो रूपक्खन्धं परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो रूपक्खन्धं न परिजानिस्सति सो वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सति सो रूपक्खन्धं न परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
४. पच्चुप्पन्नातीतवारो
२०९.(क) यो रूपक्खन्धं परिजानाति सो वेदनाक्खन्धं परिजानित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं परिजानित्थ सो रूपक्खन्धं परिजानातीति? नो।
(क) यो रूपक्खन्धं न परिजानाति सो वेदनाक्खन्धं न परिजानित्थाति?
अरहा रूपक्खन्धं न परिजानाति, नो च वेदनाक्खन्धं न परिजानित्थ। अग्गमग्गसमङ्गिञ्च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला रूपक्खन्धञ्च न परिजानन्ति वेदनाक्खन्धञ्च न परिजानित्थ।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं न परिजानित्थ सो रूपक्खन्धं न परिजानातीति?
अग्गमग्गसमङ्गी वेदनाक्खन्धं न परिजानित्थ, नो च रूपक्खन्धं न परिजानाति। अग्गमग्गसमङ्गिञ्च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला वेदनाक्खन्धञ्च न परिजानित्थ रूपक्खन्धञ्च न परिजानन्ति।
५. पच्चुप्पन्नानागतवारो
२१०.(क) यो रूपक्खन्धं परिजानाति सो वेदनाक्खन्धं परिजानिस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं परिजानिस्सति सो रूपक्खन्धं परिजानातीति? नो।
(क) यो रूपक्खन्धं न परिजानाति सो वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सतीति?
ये मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते रूपक्खन्धं न परिजानन्ति, नो च वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सन्ति। अरहा ये च पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते रूपक्खन्धञ्च न परिजानन्ति वेदनाक्खन्धञ्च न परिजानिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सति सो रूपक्खन्धं न परिजानातीति?
अग्गमग्गसमङ्गी वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सति, नो च रूपक्खन्धं न परिजानाति। अरहा ये च पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते वेदनाक्खन्धञ्च न परिजानिस्सन्ति रूपक्खन्धञ्च न परिजानन्ति।
६. अतीतानागतवारो
२११.(क) यो रूपक्खन्धं परिजानित्थ सो वेदनाक्खन्धं परिजानिस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं परिजानिस्सति सो रूपक्खन्धं परिजानित्थाति? नो।
(क) यो रूपक्खन्धं न परिजानित्थ सो वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सतीति?
ये मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते रूपक्खन्धं न परिजानित्थ, नो च वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सन्ति। अग्गमग्गसमङ्गी ये च पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते रूपक्खन्धञ्च न परिजानित्थ वेदनाक्खन्धञ्च न परिजानिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सति सो रूपक्खन्धं न परिजानित्थाति?
अरहा वेदनाक्खन्धं न परिजानिस्सति, नो च रूपक्खन्धं न परिजानित्थ। अग्गमग्गसमङ्गी ये च पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते वेदनाक्खन्धञ्च न परिजानिस्सन्ति रूपक्खन्धञ्च न परिजानित्थ।
परिञ्ञावारो।
खन्धयमकपाळि निट्ठिता।
॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स॥