१०. इन्द्रिययमकं
१. पण्णत्तिवारो
(क) उद्देसो
१.बावीसतिन्द्रियानि – चक्खुन्द्रियं, सोतिन्द्रियं, घानिन्द्रियं, जिव्हिन्द्रियं, कायिन्द्रियं, मनिन्द्रियं, इत्थिन्द्रियं, पुरिसिन्द्रियं, जीवितिन्द्रियं, सुखिन्द्रियं, दुक्खिन्द्रियं, सोमनस्सिन्द्रियं, दोमनस्सिन्द्रियं, उपेक्खिन्द्रियं, सद्धिन्द्रियं, वीरियिन्द्रियं [विरियिन्दियं (सी॰ स्या॰)], सतिन्द्रियं, समाधिन्द्रियं, पञ्ञिन्द्रियं, अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं, अञ्ञिन्द्रियं, अञ्ञाताविन्द्रियं।
१. पदसोधनवारो
(क) अनुलोमं
२.(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) चक्खुन्द्रियं चक्खुं?
(क) सोतं सोतिन्द्रियं?
(ख) सोतिन्द्रियं सोतं?
(क) घानं घानिन्द्रियं?
(ख) घानिन्द्रियं घानं?
(क) जिव्हा जिव्हिन्द्रियं?
(ख) जिव्हिन्द्रियं जिव्हा?
(क) कायो कायिन्द्रियं?
(ख) कायिन्द्रियं कायो?
(क) मनो मनिन्द्रियं?
(ख) मनिन्द्रियं मनो?
(क) इत्थी इत्थिन्द्रियं?
(ख) इत्थिन्द्रियं इत्थी?
(क) पुरिसो पुरिसिन्द्रियं?
(ख) पुरिसिन्द्रियं पुरिसो?
(क) जीवितं जीवितिन्द्रियं?
(ख) जीवितिन्द्रियं जीवितं?
(क) सुखं सुखिन्द्रियं?
(ख) सुखिन्द्रियं सुखं?
(क) दुक्खं दुक्खिन्द्रियं?
(ख) दुक्खिन्द्रियं दुक्खं?
(क) सोमनस्सं सोमनस्सिन्द्रियं?
(ख) सोमनस्सिन्द्रियं सोमनस्सं?
(क) दोमनस्सं दोमनस्सिन्द्रियं?
(ख) दोमनस्सिन्द्रियं दोमनस्सं?
(क) उपेक्खा उपेक्खिन्द्रियं?
(ख) उपेक्खिन्द्रियं उपेक्खा?
(क) सद्धा सद्धिन्द्रियं?
(ख) सद्धिन्द्रियं सद्धा?
(क) वीरियं वीरियिन्द्रियं?
(ख) वीरियिन्द्रियं वीरियं?
(क) सति सतिन्द्रियं?
(ख) सतिन्द्रियं सति?
(क) समाधि समाधिन्द्रियं?
(ख) समाधिन्द्रियं समाधि?
(क) पञ्ञा पञ्ञिन्द्रियं?
(ख) पञ्ञिन्द्रियं पञ्ञा?
(क) अनञ्ञातञ्ञस्सामीति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं?
(ख) अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं अनञ्ञातञ्ञस्सामीति?
(क) अञ्ञं अञ्ञिन्द्रियं?
(ख) अञ्ञिन्द्रियं अञ्ञं?
(क) अञ्ञातावी अञ्ञाताविन्द्रियं?
(ख) अञ्ञाताविन्द्रियं अञ्ञातावी?
(ख) पच्चनीकं
३.(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न चक्खुन्द्रियं न चक्खु?
(क) न सोतं न सोतिन्द्रियं?
(ख) न सोतिन्द्रियं न सोतं?
(क) न घानं न घानिन्द्रियं?
(ख) न घानिन्द्रियं न घानं?
(क) न जिव्हा न जिव्हिन्द्रियं?
(ख) न जिव्हिन्द्रियं न जिव्हा?
(क) न कायो न कायिन्द्रियं?
(ख) न कायिन्द्रियं न कायो?
(क) न मनो न मनिन्द्रियं?
(ख) न मनिन्द्रियं न मनो?
(क) न इत्थी न इत्थिन्द्रियं?
(ख) न इत्थिन्द्रियं न इत्थी?
(क) न पुरिसो न पुरिसिन्द्रियं?
(ख) न पुरिसिन्द्रियं न पुरिसो?
(क) न जीवितं न जीवितिन्द्रियं?
२. पदसोधनमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
४.(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया सोतिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया घानिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया जिव्हिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया कायिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया मनिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया इत्थिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया पुरिसिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया जीवितिन्द्रियं?
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियं?
५.सोतं सोतिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) सोतं सोतिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
६.घानं घानिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) घानं घानिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
७.जिव्हा जिव्हिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) जिव्हा जिव्हिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
८.कायो कायिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) कायो कायिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
९.मनो मनिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) मनो मनिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१०.इत्थी इत्थिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) इत्थी इत्थिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
११.पुरिसो पुरिसिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) पुरिसो पुरिसिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१२.जीवितं जीवितिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) जीवितं जीवितिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१३.सुखं सुखिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) सुखं सुखिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१४.दुक्खं दुक्खिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) दुक्खं दुक्खिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१५.सोमनस्सं सोमनस्सिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) सोमनस्सं सोमनस्सिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१६.दोमनस्सं दोमनस्सिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) दोमनस्सं दोमनस्सिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१७.उपेक्खा उपेक्खिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) उपेक्खा उपेक्खिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१८.सद्धा सद्धिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) सद्धा सद्धिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
१९.वीरियं वीरियिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) वीरियं वीरियिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
२०.सति सतिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) सति सतिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं ?
२१.समाधि समाधिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) समाधि समाधिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
२२.पञ्ञा पञ्ञिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) पञ्ञा पञ्ञिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
२३.अनञ्ञातञ्ञस्सामीति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं?
इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) अनञ्ञातञ्ञस्सामीति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
२४.अञ्ञं अञ्ञिन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं?…पे॰…।
(क) अञ्ञं अञ्ञिन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियं?
२५.अञ्ञातावी अञ्ञाताविन्द्रियं? इन्द्रिया चक्खुन्द्रियं? …पे॰…।
(क) अञ्ञातावी अञ्ञाताविन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया अञ्ञिन्द्रियं?
(ख) पच्चनीकं
२६.(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न सोतिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न घानिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न जिव्हिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न कायिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न मनिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न इत्थिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न पुरिसिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न जीवितिन्द्रियं?
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियं?
२७.(क) न सोतं न सोतिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
२८.(क) न घानं न घानिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
२९.(क) न जिव्हा न जिव्हिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३०.(क) न कायो न कायिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३१.(क) न मनो न मनिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३२.(क) न इत्थी न इत्थिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३३.(क) न पुरिसो न पुरिसिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३४.(क) न जीवितं न जीवितिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३५.(क) न सुखं न सुखिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३६.(क) न दुक्खं न दुक्खिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३७.(क) न सोमनस्सं न सोमनस्सिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३८.(क) न दोमनस्सं न दोमनस्सिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
३९.(क) न उपेक्खा न उपेक्खिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४०.(क) न सद्धा न सद्धिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४१.(क) न वीरियं न वीरियिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४२.(क) न सति न सतिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४३.(क) न समाधि न समाधिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४४.(क) न पञ्ञा न पञ्ञिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४५.(क) न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४६.(क) न अञ्ञं न अञ्ञिन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं?
४७.(क) न अञ्ञातावी न अञ्ञाताविन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञिन्द्रियं?
३. सुद्धिन्द्रियवारो
(क) अनुलोमं
४८.(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु?
(क) सोतं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया सोतं?
(क) घानं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया घानं?
(क) जिव्हा इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया जिव्हा?
(क) कायो इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया कायो?
(क) मनो इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया मनो?
(क) इत्थी इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया इत्थी?
(क) पुरिसो इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया पुरिसो?
(क) जीवितं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया जीवितं?
(ख) पच्चनीकं
४९.(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु?
(क) न सोतं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न सोतं?
(क) न घानं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न घानं?
(क) न जिव्हा न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न जिव्हा?
(क) न कायो न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न कायो?
(क) न मनो न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न मनो?
(क) न इत्थी न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न इत्थी?
(क) न पुरिसो न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न पुरिसो?
(क) न जीवितं न इन्द्रियं?
४. सुद्धिन्द्रियमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
५०.(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया सोतं?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया घानं?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया जिव्हा?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया कायो?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया मनो?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया इत्थी?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया पुरिसो?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया जीवितं?
(क) चक्खु इन्द्रियं?
५१.(क) सोतं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५२.(क) घानं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५३.(क) जिव्हा इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५४.(क) कायो इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५५.(क) मनो इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५६.(क) इत्थी इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५७.(क) पुरिसो इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५८.(क) जीवितं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
५९.(क) सुखं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६०.(क) दुक्खं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६१.(क) सोमनस्सं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६२.(क) दोमनस्सं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६३.(क) उपेक्खा इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६४.(क) सद्धा इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६५.(क) वीरियं इन्द्रियं ?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६६.(क) सति इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६७.(क) समाधि इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६८.(क) पञ्ञा इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
६९.(क) अनञ्ञातञ्ञस्सामीति इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
७०.(क) अञ्ञं इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञातावी?
७१.(क) अञ्ञातावी इन्द्रियं?
(ख) इन्द्रिया चक्खु? …पे॰… इन्द्रिया अञ्ञं?
(ख) पच्चनीकं
७२.(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न सोतं?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न घानं?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न जिव्हा?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न कायो?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न मनो?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न इत्थी?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न पुरिसो?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न जीवितं?
(क) न चक्खु न इन्द्रियं?
७३.(क) न सोतं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
७४.(क) न घानं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
७५.(क) न जिव्हा न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
७६.(क) न कायो न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
७७.(क) न मनो न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
७८.(क) न इत्थी न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
७९.(क) न पुरिसो न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८०.(क) न जीवितं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८१.(क) न सुखं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८२.(क) न दुक्खं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८३.(क) न सोमनस्सं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८४.(क) न दोमनस्सं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८५.(क) न उपेक्खा न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८६.(क) न सद्धा न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८७.(क) न वीरियं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८८.(क) न सति न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
८९.(क) न समाधि न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
९०.(क) न पञ्ञा न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
९१.(क) न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
९२.(क) न अञ्ञं न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञातावी?
९३.(क) न अञ्ञातावी न इन्द्रियं?
(ख) न इन्द्रिया न चक्खु? …पे॰… न इन्द्रिया न अञ्ञं?
पण्णत्तिउद्देसवारो।
(ख) निद्देसो
१. पदसोधनवारो
(क) अनुलोमं
९४.(क) चक्खु चक्खुन्द्रियन्ति?
दिब्बचक्खु पञ्ञाचक्खु चक्खु, न चक्खुन्द्रियं। चक्खुन्द्रियं चक्खु चेव चक्खुन्द्रियञ्च।
(ख) चक्खुन्द्रियं चक्खूति? आमन्ता।
(क) सोतं सोतिन्द्रियन्ति?
दिब्बसोतं तण्हासोतं सोतं, न सोतिन्द्रियं। सोतिन्द्रियं सोतञ्चेव सोतिन्द्रियञ्च।
(ख) सोतिन्द्रियं सोतन्ति? आमन्ता।
(क) घानं घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) घानिन्द्रियं घानन्ति? आमन्ता।
(क) जिव्हा जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) जिव्हिन्द्रियं जिव्हाति? आमन्ता।
(क) कायो कायिन्द्रियन्ति?
कायिन्द्रियं ठपेत्वा अवसेसो कायो [अवसेसा कायो (सी॰ स्या॰ क॰)], न कायिन्द्रियं। कायिन्द्रियं कायो चेव कायिन्द्रियञ्च।
(ख) कायिन्द्रियं कायोति? आमन्ता।
(क) मनो मनिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) मनिन्द्रियं मनोति? आमन्ता।
(ख) पच्चनीकं
९५.(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न चक्खुन्द्रियं न चक्खूति?
दिब्बचक्खु पञ्ञाचक्खु न चक्खुन्द्रियं, चक्खु। चक्खुञ्च चक्खुन्द्रियञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव चक्खु न च चक्खुन्द्रियं।
(क) न सोतं न सोतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न सोतिन्द्रियं न सोतन्ति?
दिब्बसोतं तण्हासोतं न सोतिन्द्रियं, सोतं। सोतञ्च सोतिन्द्रियञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सोतं न च सोतिन्द्रियं।
(क) न घानं न घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न घानिन्द्रियं न घानन्ति? आमन्ता।
(क) न जिव्हा न जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न जिव्हिन्द्रियं न जिव्हाति? आमन्ता।
(क) न कायो न कायिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न कायिन्द्रियं न कायोति?
कायिन्द्रियं ठपेत्वा अवसेसो न कायिन्द्रियं, कायो। कायञ्च कायिन्द्रियञ्च ठपेत्वा अवसेसो न चेव कायो न च कायिन्द्रियं।
(क) न मनो न मनिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न मनिन्द्रियं न मनोति? आमन्ता।
२. पदसोधनमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
९६.(क) चक्खु चक्खुन्द्रियन्ति?
दिब्बचक्खु पञ्ञाचक्खु चक्खु, न चक्खुन्द्रियं। चक्खुन्द्रियं चक्खु चेव चक्खुन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया सोतिन्द्रियन्ति?
सोतिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव सोतिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न सोतिन्द्रियं।
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियन्ति?
दिब्बचक्खु पञ्ञाचक्खु चक्खु, न चक्खुन्द्रियं। चक्खुन्द्रियं चक्खु चेव चक्खुन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया घानिन्द्रियन्ति?
घानिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव घानिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न घानिन्द्रियं।
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियन्ति?
दिब्बचक्खु पञ्ञाचक्खु चक्खु, न चक्खुन्द्रियं। चक्खुन्द्रियं चक्खु चेव चक्खुन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया जिव्हिन्द्रियन्ति?
जिव्हिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव जिव्हिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न जिव्हिन्द्रियं।
(क) चक्खु चक्खुन्द्रियन्ति?
दिब्बचक्खु पञ्ञाचक्खु चक्खु, न चक्खुन्द्रियं। चक्खुन्द्रियं चक्खु चेव चक्खुन्द्रियञ्च।
९७.(क) सोतं सोतिन्द्रियन्ति?
दिब्बसोतं तण्हासोतं सोतं, न सोतिन्द्रियं। सोतिन्द्रियं सोतञ्चेव सोतिन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) सोतं सोतिन्द्रियन्ति?
दिब्बसोतं तण्हासोतं सोतं, न सोतिन्द्रियं। सोतिन्द्रियं सोतञ्चेव सोतिन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
९८.(क) घानं घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) घानं घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
९९.(क) जिव्हा जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) जिव्हा जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१००.(क) कायो कायिन्द्रियन्ति?
कायिन्द्रियं ठपेत्वा अवसेसो कायो न कायिन्द्रियं। कायिन्द्रियं कायो चेव कायिन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) कायो कायिन्द्रियन्ति?
कायिन्द्रियं ठपेत्वा अवसेसो कायो, न कायिन्द्रियं। कायिन्द्रियं कायो चेव कायिन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१०१.(क) मनो मनिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति ?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) मनो मनिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१०२.(क) इत्थी इत्थिन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) इत्थी इत्थिन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१०३.(क) पुरिसो पुरिसिन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) पुरिसो पुरिसिन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१०४.(क) जीवितं जीवितिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) जीवितं जीवितिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं ।
१०५.सुखं सुखिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१०६.दुक्खं दुक्खिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१०७.सोमनस्सं सोमनस्सिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१०८.दोमनस्सं दोमनस्सिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१०९.(क) उपेक्खा उपेक्खिन्द्रियन्ति?
उपेक्खिन्द्रियं ठपेत्वा अवसेसा उपेक्खा, न उपेक्खिन्द्रियं। उपेक्खिन्द्रियं उपेक्खा चेव उपेक्खिन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) उपेक्खा उपेक्खिन्द्रियन्ति?
उपेक्खिन्द्रियं ठपेत्वा अवसेसा उपेक्खा, न उपेक्खिन्द्रियं। उपेक्खिन्द्रियं उपेक्खा चेव उपेक्खिन्द्रियञ्च।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
११०.सद्धा सद्धिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१११.वीरियं वीरियिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
११२.सति सतिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
११३.समाधि समाधिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
११४.पञ्ञा पञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
११५.अनञ्ञातञ्ञस्सामीति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
११६.अञ्ञं अञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
११७.(क) अञ्ञातावी अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) अञ्ञातावी अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञिन्द्रियन्ति? अञ्ञिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञिन्द्रियं।
(ख) पच्चनीकं
११८.(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न सोतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न कायिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न मनिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न इत्थिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न पुरिसिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न चक्खु न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न जीवितिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
११९.(क) न सोतं न सोतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सोतं न सोतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२०.(क) न घानं न घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न घानं न घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२१.(क) न जिव्हा न जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न जिव्हा न जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२२.(क) न कायो न कायिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न कायो न कायिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२३.(क) न मनो न मनिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न मनो न मनिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२४.(क) न इत्थी न इत्थिन्द्रियन्ति?
इत्थिन्द्रियं न इत्थी, इत्थिन्द्रियं। इत्थिञ्च इत्थिन्द्रियञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव इत्थी न च इत्थिन्द्रियं।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न इत्थी न इत्थिन्द्रियन्ति?
इत्थिन्द्रियं न इत्थी, इत्थिन्द्रियं। इत्थिञ्च इत्थिन्द्रियञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव इत्थी न च इत्थिन्द्रियं।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२५.(क) न पुरिसो न पुरिसिन्द्रियन्ति?
पुरिसिन्द्रियं न पुरिसो, पुरिसिन्द्रियं। पुरिसञ्च पुरिसिन्द्रियञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव पुरिसो न च पुरिसिन्द्रियं।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न पुरिसो न पुरिसिन्द्रियन्ति?
पुरिसिन्द्रियं न पुरिसो, पुरिसिन्द्रियं। पुरिसञ्च पुरिसिन्द्रियञ्च ठपेत्वा अवसेसा न चेव पुरिसो न च पुरिसिन्द्रियं।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२६.(क) न जीवितं न जीवितिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न जीवितं न जीवितिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२७.(क) न सुखं न सुखिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सुखं न सुखिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२८.(क) न दुक्खं न दुक्खिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न दुक्खं न दुक्खिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१२९.(क) न सोमनस्सं न सोमनस्सिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सोमनस्सं न सोमनस्सिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३०.(क) न दोमनस्सं न दोमनस्सिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न दोमनस्सं न दोमनस्सिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३१.(क) न उपेक्खा न उपेक्खिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न उपेक्खा न उपेक्खिन्द्रियन्ति? आमन्ता ।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३२.(क) न सद्धा न सद्धिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सद्धा न सद्धिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३३.(क) न वीरियं न वीरियिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न वीरियं न वीरियिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३४.(क) न सति न सतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सति न सतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३५.(क) न समाधि न समाधिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न समाधि न समाधिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३६.(क) न पञ्ञा न पञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न पञ्ञा न पञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३७.(क) न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३८.(क) न अञ्ञं न अञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न अञ्ञं न अञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१३९.(क) न अञ्ञातावी न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न अञ्ञातावी न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
३. सुद्धिन्द्रियवारो
(क) अनुलोमं
१४०.(क) चक्खु इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं।
(क) सोतं इन्द्रियन्ति?
यं सोतं इन्द्रियं तं सोतञ्चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसं सोतं न इन्द्रियं।
(ख) इन्द्रिया सोतिन्द्रियन्ति? सोतिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव सोतिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न सोतिन्द्रियं।
(क) घानं इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया घानिन्द्रियन्ति?
घानिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव घानिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न घानिन्द्रियं।
(क) जिव्हा इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया जिव्हिन्द्रियन्ति?
जिव्हिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव जिव्हिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न जिव्हिन्द्रियं।
(क) कायो इन्द्रियन्ति?
यो कायो इन्द्रियं सो कायो चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसो कायो न इन्द्रिया।
(ख) इन्द्रिया कायिन्द्रियन्ति?
(ख) पच्चनीकं
१४१.(क) न चक्खु न इन्द्रियन्ति?
चक्खुं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न चक्खु, इन्द्रिया। चक्खुञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव चक्खु न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न सोतं न इन्द्रियन्ति?
सोतं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सोतं, इन्द्रिया। सोतञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सोतं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न सोतिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न घानं न इन्द्रियन्ति?
घानं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न घानं, इन्द्रिया। घानञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव घानं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न घानिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न जिव्हा न इन्द्रियन्ति?
जिव्हं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न जिव्हा, इन्द्रिया। जिव्हञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव जिव्हा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न जिव्हिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(क) न कायो न इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न कायिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
४. सुद्धिन्द्रियमूलचक्कवारो
(क) अनुलोमं
१४२.(क) चक्खु इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया सोतिन्द्रियन्ति?
सोतिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव सोतिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न सोतिन्द्रियं।
(क) चक्खु इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया घानिन्द्रियन्ति?
घानिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव घानिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न घानिन्द्रियं।
(क) चक्खु इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया जिव्हिन्द्रियन्ति?
जिव्हिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव जिव्हिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न जिव्हिन्द्रियं।
(क) चक्खु इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया कायिन्द्रियन्ति?
कायिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव कायिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न कायिन्द्रियं।
(क) चक्खु इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया मनिन्द्रियन्ति?
मनिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव मनिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न मनिन्द्रियं।
१४३.(क) सोतं इन्द्रियन्ति?
यं सोतं इन्द्रियं तं सोतञ्चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसं सोतं न इन्द्रियं।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) सोतं इन्द्रियन्ति?
यं सोतं इन्द्रियं तं सोतञ्चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसं सोतं न इन्द्रियं।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१४४.(क) घानं इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) घानं इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१४५.(क) जिव्हा इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) जिव्हा इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१४६.(क) कायो इन्द्रियन्ति?
यो कायो इन्द्रियं सो कायो चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसो कायो न इन्द्रियं।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) कायो इन्द्रियन्ति?
यो कायो इन्द्रियं सो कायो चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसो कायो न इन्द्रियं।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च।
अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१४७.(क) मनो इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) मनो इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१४८.(क) इत्थी इन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) इत्थी इन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१४९.(क) पुरिसो इन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) पुरिसो इन्द्रियन्ति? नो।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१५०.(क) जीवितं इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) जीवितं इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१५१.(क) सुखं इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं…पे॰…।
(क) सुखं इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च । अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१५२.दुक्खं इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१५३.सोमनस्सं इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१५४.दोमनस्सं इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१५५.(क) उपेक्खा इन्द्रियन्ति?
या उपेक्खा इन्द्रियं सा उपेक्खा चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसा उपेक्खा न इन्द्रियं।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं …पे॰…।
(क) उपेक्खा इन्द्रियन्ति?
या उपेक्खा इन्द्रियं सा उपेक्खा चेव इन्द्रियञ्च। अवसेसा उपेक्खा न इन्द्रियं।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञाताविन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञाताविन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियं।
१५६.सद्धा इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१५७.वीरियं इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१५८.सति इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१५९.समाधि इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१६०.पञ्ञा इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१६१.अनञ्ञातञ्ञस्सामीति इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१६२.अञ्ञं इन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
१६३.(क) अञ्ञातावी इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया चक्खुन्द्रियन्ति?
चक्खुन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव चक्खुन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियं …पे॰…।
(क) अञ्ञातावी इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) इन्द्रिया अञ्ञिन्द्रियन्ति?
अञ्ञिन्द्रियं इन्द्रियञ्चेव अञ्ञिन्द्रियञ्च। अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञिन्द्रियं।
(ख) पच्चनीकं
१६४.(क) न चक्खु न इन्द्रियन्ति?
चक्खुं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न चक्खु, इन्द्रिया। चक्खुञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव चक्खु न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न सोतिन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न चक्खु न इन्द्रियन्ति?
चक्खुं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न चक्खु, इन्द्रिया। चक्खुञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव चक्खु न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१६५.(क) न सोतं न इन्द्रियन्ति?
सोतं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सोतं, इन्द्रिया। सोतञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सोतं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सोतं न इन्द्रियन्ति?
सोतं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सोतं, इन्द्रिया। सोतञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सोतं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१६६.(क) न घानं न इन्द्रियन्ति?
घानं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न घानं, इन्द्रिया। घानञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव घानं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न घानं न इन्द्रियन्ति?
घानं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न घानं, इन्द्रिया। घानञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव घानं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१६७.(क) न जिव्हा न इन्द्रियन्ति?
जिव्हं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न जिव्हा, इन्द्रिया। जिव्हञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव जिव्हा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न जिव्हा न इन्द्रियन्ति?
जिव्हं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न जिव्हा, इन्द्रिया। जिव्हञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव जिव्हा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१६८.(क) न कायो न इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न कायो न इन्द्रियन्ति? आमन्ता।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१६९.(क) न मनो न इन्द्रियन्ति?
मनं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न मनो, इन्द्रिया। मनञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव मनो न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰… ।
(क) न मनो न इन्द्रियन्ति? मनं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न मनो, इन्द्रिया। मनञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव मनो न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७०.(क) न इत्थी न इन्द्रियन्ति?
इत्थिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न इत्थी, इन्द्रिया। इत्थिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव इत्थी न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न इत्थी न इन्द्रियन्ति?
इत्थिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न इत्थी, इन्द्रिया। इत्थिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव इत्थी न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७१.(क) न पुरिसो न इन्द्रियन्ति?
पुरिसं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न पुरिसो, इन्द्रिया। पुरिसञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव पुरिसो न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न पुरिसो न इन्द्रियन्ति?
पुरिसं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न पुरिसो, इन्द्रिया। पुरिसञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव पुरिसो न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७२.(क) न जीवितं न इन्द्रियन्ति?
जीवितं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न जीवितं, इन्द्रिया। जीवितञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव जीवितं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न जीवितं न इन्द्रियन्ति?
जीवितं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न जीवितं, इन्द्रिया। जीवितञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव जीवितं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७३.(क) न सुखं न इन्द्रियन्ति?
सुखं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सुखं, इन्द्रिया। सुखञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सुखं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सुखं न इन्द्रियन्ति?
सुखं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सुखं, इन्द्रिया। सुखञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सुखं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७४.(क) न दुक्खं न इन्द्रियन्ति?
दुक्खं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न दुक्खं, इन्द्रिया। दुक्खञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव दुक्खं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता…पे॰…।
(क) न दुक्खं न इन्द्रियन्ति?
दुक्खं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न दुक्खं, इन्द्रिया। दुक्खञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव दुक्खं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७५.(क) न सोमनस्सं न इन्द्रियन्ति?
सोमनस्सं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सोमनस्सं, इन्द्रिया। सोमनस्सञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सोमनस्सं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सोमनस्सं न इन्द्रियन्ति?
सोमनस्सं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सोमनस्सं, इन्द्रिया। सोमनस्सञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सोमनस्सं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७६.(क) न दोमनस्सं न इन्द्रियन्ति?
दोमनस्सं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न दोमनस्सं, इन्द्रिया। दोमनस्सञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव दोमनस्सं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न दोमनस्सं न इन्द्रियन्ति?
दोमनस्सं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न दोमनस्सं, इन्द्रिया। दोमनस्सञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव दोमनस्सं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७७.(क) न उपेक्खा न इन्द्रियन्ति?
उपेक्खं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न उपेक्खा, इन्द्रिया। उपेक्खञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव उपेक्खा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न उपेक्खा न इन्द्रियन्ति?
उपेक्खं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न उपेक्खा, इन्द्रिया। उपेक्खञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव उपेक्खा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७८.(क) न सद्धा न इन्द्रियन्ति?
सद्धं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सद्धा, इन्द्रिया। सद्धञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सद्धा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सद्धा न इन्द्रियन्ति?
सद्धं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सद्धा, इन्द्रिया। सद्धञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सद्धा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१७९.(क) न वीरियं न इन्द्रियन्ति?
वीरियं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न वीरियं, इन्द्रिया। वीरियञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव वीरियं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न वीरियं न इन्द्रियन्ति?
वीरियं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न वीरियं, इन्द्रिया। वीरियञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव वीरियं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१८०.(क) न सति न इन्द्रियन्ति? सतिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सति, इन्द्रिया। सतिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सति न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न सति न इन्द्रियन्ति?
सतिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न सति, इन्द्रिया। सतिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव सति न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१८१.(क) न समाधि न इन्द्रियन्ति?
समाधिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न समाधि, इन्द्रिया। समाधिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव समाधि न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न समाधि न इन्द्रियन्ति?
समाधिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न समाधि, इन्द्रिया। समाधिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव समाधि न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१८२.(क) न पञ्ञा न इन्द्रियन्ति?
पञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न पञ्ञा, इन्द्रिया। पञ्ञञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव पञ्ञा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न पञ्ञा न इन्द्रियन्ति?
पञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न पञ्ञा, इन्द्रिया। पञ्ञञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव पञ्ञा न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१८३.(क) न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न इन्द्रियन्ति?
अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति, इन्द्रिया। अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न इन्द्रियन्ति?
अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न अनञ्ञातञ्ञस्सामीति, इन्द्रिया। अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव अनञ्ञातञ्ञस्सामीति न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१८४.(क) न अञ्ञं न इन्द्रियन्ति?
अञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञं, इन्द्रिया। अञ्ञञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव अञ्ञं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न अञ्ञं न इन्द्रियन्ति?
अञ्ञं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञं, इन्द्रिया। अञ्ञञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव अञ्ञं न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञाताविन्द्रियन्ति? आमन्ता।
१८५.(क) न अञ्ञातावी न इन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञातावी, इन्द्रिया। अञ्ञाताविञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव अञ्ञातावी न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न चक्खुन्द्रियन्ति? आमन्ता …पे॰…।
(क) न अञ्ञातावी न इन्द्रियन्ति?
अञ्ञाताविं ठपेत्वा अवसेसा इन्द्रिया न अञ्ञातावी, इन्द्रिया। अञ्ञाताविञ्च इन्द्रिये च ठपेत्वा अवसेसा न चेव अञ्ञातावी न च इन्द्रिया।
(ख) न इन्द्रिया न अञ्ञिन्द्रियन्ति? आमन्ता।
पण्णत्तिनिद्देसवारो।
२. पवत्तिवारो
१. उप्पादवारो
(१) पच्चुप्पन्नवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
१८६.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोतिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचक्खुकानं असोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोतिन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं ससोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
ससोतकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। ससोतकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचक्खुकानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सघानकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति ?
सचक्खुकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
१८७.(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति ?
सघानकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
इत्थीनं अघानकानं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं सघानकानं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सघानकानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पुरिसानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
१८८.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
इत्थीनं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं सोमनस्सेन उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
इत्थीनं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपेक्खाय उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
१८९.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पुरिसानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पुरिसानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
१९०.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
१९१.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति ।
(ख) यस्स वा पन सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सहेतुकानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तसोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
ञाणसम्पयुत्तानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तसोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
१९२.(क) यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सहेतुकानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
ञाणसम्पयुत्तानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
१९३.(क) यस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सहेतुकानं ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचित्तकानं अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
१९४.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचित्तकानं ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) अनुलोमओकासो
१९५.(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
१९६.यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
१९७.(क) यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता …पे॰…।
१९८.(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। कामावचरे तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
१९९.(क) यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति । चतुवोकारे पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जति। चतुवोकारे पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
२००.यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२०१.यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२०२.(क) यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२०३.(क) यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
२०४.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचक्खुकानं असोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं ससोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
ससोतकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। ससोतकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचक्खुकानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति , नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सघानकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचक्खुकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
२०५.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सघानकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
इत्थीनं अघानकानं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं सघानकानं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सघानकानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पुरिसानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
२०६.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
इत्थीनं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं सोमनस्सेन उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
इत्थीनं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपेक्खाय उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
२०७.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति , नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पुरिसानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति , नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पुरिसानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
२०८.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
२०९.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति? नो।
(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सहेतुकानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति , नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तसोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
ञाणसम्पयुत्तानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तसोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
२१०.(क) यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सहेतुकानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
ञाणसम्पयुत्तानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
२११.(क) यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सहेतुकानं ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति ?
सचित्तकानं अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२१२.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सचित्तकानं ञाणविप्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
२१३.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोतिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अचक्खुकानं ससोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोतिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं असोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
असोतकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं असोतकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अचक्खुकानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अचक्खुकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तासं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२१४.(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तासं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२१५.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तासं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तासं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं विना सोमनस्सेन न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२१६.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं विना सोमनस्सेन न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं विना उपेक्खाय न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२१७.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
२१८.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्सविप्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तसोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
२१९.(क) यस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
ञाणविप्पयुत्तानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२२०.(क) यस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
ञाणविप्पयुत्तानं सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं सचित्तकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२२१.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
ञाणविप्पयुत्तानं सचित्तकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ङ) पच्चनीकओकासो
२२२.(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
२२३.यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (घानिन्द्रियमूलकं)
२२४.(क) यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता …पे॰…।
२२५.(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जति। असञ्ञसत्ते तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
२२६.(क) यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? उप्पज्जति।
यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? उप्पज्जति। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
२२७.(क) यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२२८.यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२२९.यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२३०.(क) यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
२३१.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अचक्खुकानं ससोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं असोतकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
असोतकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं असोतकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अचक्खुकानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति , नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अचक्खुकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२३२.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२३३.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न इत्थीनं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति , नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
२३४.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं विना सोमनस्सेन न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
न पुरिसानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
२३५.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
२३६.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना सोमनस्सेन सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्सविप्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तसोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तसोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
२३७.(क) यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
विना उपेक्खाय ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खाविप्पयुत्तञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
ञाणविप्पयुत्तानं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तउपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तउपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
२३८.(क) यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
ञाणविप्पयुत्तानं सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तसद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तसद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
अहेतुकानं सचित्तकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२३९.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
ञाणविप्पयुत्तानं सचित्तकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जति। सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(२) अतीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
२४०.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति ? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
२४१.यस्स घानिन्द्रियं…पे॰… इत्थिन्द्रियं… पुरिसिन्द्रियं… जीवितिन्द्रियं… सोमनस्सिन्द्रियं… उपेक्खिन्द्रियं… सद्धिन्द्रियं… पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) अनुलोमओकासो
२४२.(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
२४३.यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति ? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
२४४.(क) यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता …पे॰…।
२४५.(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरे तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
२४६.(क) यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्ते तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। चतुवोकारे पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्ते तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। चतुवोकारे पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
२४७.(क) यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२४८.यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२४९.यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२५०.(क) यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
२५१.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ। पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
२५२.यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
२५३.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता …पे॰…।
२५४.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
२५५.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
२५६.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२५७.(क) यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२५८.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२५९.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
२६०.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
२६१.यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं… जीवितिन्द्रियं … सोमनस्सिन्द्रियं… उपेक्खिन्द्रियं… सद्धिन्द्रियं… पञ्ञिन्द्रियं… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि …पे॰…।
२६२.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ङ) पच्चनीकओकासो
२६३.(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ। यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
२६४.यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
२६५.(क) यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता …पे॰…।
२६६.(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्ते तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
२६७.(क) यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? नत्थि।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
२६८.(क) यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२६९.यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२७०.यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२७१.(क) यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
२७२.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
२७३.यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
२७४.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता …पे॰…।
२७५.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
२७६.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
२७७.यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२७८.यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२७९.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२८०.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(३) अनागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
२८१.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
२८२.(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तासं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति ?
ये रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये सघानका उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
२८३.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तासं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तासं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
२८४.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
२८५.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
२८६.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२८७.यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२८८.यस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२८९.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) अनुलोमओकासो
२९०.(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
२९१.यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
२९२.(क) यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता …पे॰…।
२९३.(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरे तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति । कामावचरे तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
२९४.(क) यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। चतुवोकारे पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्ते तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। चतुवोकारे पञ्चवोकारे तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
२९५.यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
२९६.यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
२९७.यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
२९८.(क) यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
२९९.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
३००.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये सघानका उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३०१.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तासं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति। सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
३०२.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३०३.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
३०४.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति ?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३०५.यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३०६.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३०७.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
३०८.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३०९.(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
३१०.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तासं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३११.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३१२.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
३१३.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३१४.यस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीन तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३१५.यस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३१६.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ङ) पच्चनीकओकासो
३१७.(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(क) यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
३१८.यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति नो च तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३१९.(क) यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता …पे॰…।
३२०.(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते अरूपे तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यत्थ वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरे अरूपावचरे तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्ते तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
३२१.(क) यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यत्थ वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
३२२.यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३२३.यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३२४.यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३२५.(क) यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यत्थ वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
३२६.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३२७.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तासं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
३२८.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
या इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३२९.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
ये पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३३०.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
३३१.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३३२.यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति। यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३३३.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३३४.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(४) पच्चुप्पन्नातीतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
३३५.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
३३६.यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं…पे॰… उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
३३७.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं…पे॰… उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (इत्थिन्द्रियमूलकं)
३३८.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं…पे॰… उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
३३९.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
३४०.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३४१.(क) यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३४२.(क) यस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३४३.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) अनुलोमओकासो
३४४.यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
३४५.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। सचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। सचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
३४६.यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
३४७.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
३४८.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
३४९.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति ?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
३५०.यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३५१.(क) यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति । उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३५२.(क) यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३५३.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
३५४.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं…पे॰… उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि…पे॰…।
३५५.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? नत्थि।
(ङ) पच्चनीकओकासो
३५६.यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
३५७.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। सुद्धावासे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरा चवन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
रूपावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। रूपावचरा चवन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरा चवन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
३५८.यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ । रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
३५९.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
३६०.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता।
यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (पुरिसिन्द्रियमूलकं)
३६१.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तान तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
३६२.यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासं उपपज्जन्तानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३६३.(क) यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३६४.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३६५.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति। सुद्धावासानं उपपत्तिचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(५) पच्चुप्पन्नानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
३६६.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३६७.(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति । सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३६८.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं या च इत्थियो रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरासं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरासं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं या च इत्थियो उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरासं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३६९.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३७०.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति ?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति , नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति। सब्बेसं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३७१.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३७२.यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति । इतरेसं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३७३.यस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३७४.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति , नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) अनुलोमओकासो
३७५.यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
३७६.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति। सचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३७७.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति। सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३७८.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरासं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरासं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति। इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं या च इत्थियो उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तासं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरासं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३७९.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति। पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
३८०.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति । चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति। चतुवोकारं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं पवत्ते चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
३८१.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति।
यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जति। सोमनस्सेन उपपज्जन्तानं पवत्ते सोमनस्ससम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३८२.यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जति। उपेक्खाय उपपज्जन्तानं पवत्ते उपेक्खासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३८३.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जति। सहेतुकानं उपपज्जन्तानं पवत्ते सद्धासम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३८४.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जति। ञाणसम्पयुत्तानं उपपज्जन्तानं पवत्ते ञाणसम्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
३८५.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अचक्खुकानं उपपज्जन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं अरूपे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
३८६.(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं अघानकानं उपपज्जन्तानं तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
३८७.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं या च इत्थियो रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तासं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तासं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न इत्थीनं उपपज्जन्तानं तेसं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति , नो च तासं इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
३८८.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं न पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति।
कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं ये च उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
३८९.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
३९०.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
यस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
३९१.यस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
३९२.यस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
३९३.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे निरोधसमापन्नानं असञ्ञसत्तानं तेसं पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ङ) पच्चनीकओकासो
३९४.यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
३९५.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
पञ्चवोकारा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पञ्चवोकारं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। पञ्चवोकारे परिनिब्बन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरा चवन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरा चवन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं अचक्खुकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरा चवन्तानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
३९६.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं अघानकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं चवन्तीनं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं कामावचरं उपपज्जन्तानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं चवन्तीनं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
३९७.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं चवन्तीनं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तासं चवन्तीनं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं न इत्थीनं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं इत्थीनं उपपज्जन्तीनं तासं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तासं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
३९८.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरा चवन्तानं न पुरिसानं कामावचरं उपपज्जन्तानं रूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमभविकानं पुरिसानं उपपज्जन्तानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जति। कामावचरे परिनिब्बन्तानं रूपावचरे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चवन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
३९९.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
चतुवोकारा पञ्चवोकारा चवन्तानं पवत्ते चित्तस्स भङ्गक्खणे तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे असञ्ञसत्तं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्ता चवन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
४००.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तस्स चित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति।
यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्सविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जति। सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४०१.यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे उपेक्खाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति । उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जति। उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
४०२.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे सद्धाविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
४०३.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति तस्स तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सब्बेसं चित्तस्स भङ्गक्खणे ञाणविप्पयुत्तचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जतीति?
पच्छिमचित्तस्स उप्पादक्खणे तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जति। पच्छिमचित्तस्स भङ्गक्खणे असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जति। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(६) अतीतानागतवारो
(क) अनुलोमपुग्गलो
४०४.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च अरूपं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ , नो च तेसं सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
४०५.(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति ?
पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
४०६.(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च रूपावचरं अरूपावचरं उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
४०७.(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति ?
पच्छिमभविकानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं ये च सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमभविकानं तेसं पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
४०८.(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
४०९.(क) यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
यस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति ? आमन्ता। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४१०.यस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
४११.यस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
४१२.(क) यस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं तेसं पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) अनुलोमओकासो
४१३.यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?…पे॰…।
(ग) अनुलोमपुग्गलोकासा
४१४.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोतिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
४१५.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
४१६.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति? आमन्ता।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं या च इत्थियो उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
४१७.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। कामावचरानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं ये च पुरिसा सोमनस्सेन उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं कामावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
४१८.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा उपेक्खासम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
४१९.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४२०.यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
४२१.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति सद्धिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
४२२.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सतीति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थाति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं उप्पज्जित्थ। इतरेसं चतुवोकारानं पञ्चवोकारानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च उप्पज्जिस्सति पञ्ञिन्द्रियञ्च उप्पज्जित्थ। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(घ) पच्चनीकपुग्गलो
४२३.(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स घानिन्द्रियं…पे॰… इत्थिन्द्रियं…पे॰… पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
यस्स वा पन पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
(ख) यस्स वा पन जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स सोमनस्सिन्द्रियं…पे॰… उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
यस्स वा पन उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४२४.यस्स घानिन्द्रियं…पे॰… इत्थिन्द्रियं… पुरिसिन्द्रियं… जीवितिन्द्रियं… सोमनस्सिन्द्रियं… उपेक्खिन्द्रियं… सद्धिन्द्रियं… पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? नत्थि।
यस्स वा पन मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
(ङ) पच्चनीकओकासो
४२५.यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?…पे॰…।
(च) पच्चनीकपुग्गलोकासा
४२६.(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
पञ्चवोकारे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ सोतिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं रूपावचरानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। सुद्धावासानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ चक्खुन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
४२७.(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं ये च पुरिसा एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति , नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ घानिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति घानिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
४२८.(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यस्स वा पन यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं या च इत्थियो एतेनेव भावेन कतिचि भवे दस्सेत्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति ।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। रूपावचरे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ इत्थिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ इत्थिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
४२९.(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं तेसं तत्थ जीवितिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। रूपावचरे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
कामावचरे पच्छिमभविकानं ये च पुरिसा उपेक्खाय उपपज्जित्वा परिनिब्बायिस्सन्ति तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। रूपावचरे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं अरूपानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
(क) यस्स यत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
रूपावचरानं अरूपावचरानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। रूपावचरे अरूपावचरे पच्छिमभविकानं असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पुरिसिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
४३०.(क) यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं…पे॰… सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति? उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ जीवितिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति? उप्पज्जित्थ। (जीवितिन्द्रियमूलकं)
४३१.(क) यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं यस्स चित्तस्स अनन्तरा सोमनस्ससम्पयुत्तपच्छिमचित्तं उप्पज्जिस्सति तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ।
यस्स यत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सुद्धावासानं दुतिये चित्ते वत्तमाने तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सोमनस्सिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सोमनस्सिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ। (सोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४३२.यस्स यत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं…पे॰… पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ उपेक्खिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति उपेक्खिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ। (उपेक्खिन्द्रियमूलकं)
४३३.यस्स यत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं…पे॰… मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ सद्धिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति सद्धिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ। (सद्धिन्द्रियमूलकं)
४३४.(क) यस्स यत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ तस्स तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सतीति?
सुद्धावासं उपपज्जन्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ, नो च तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति।
(ख) यस्स वा पन यत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति तस्स तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थाति?
पच्छिमचित्तसमङ्गीनं तेसं तत्थ मनिन्द्रियं न उप्पज्जिस्सति, नो च तेसं तत्थ पञ्ञिन्द्रियं न उप्पज्जित्थ। असञ्ञसत्तानं तेसं तत्थ मनिन्द्रियञ्च न उप्पज्जिस्सति पञ्ञिन्द्रियञ्च न उप्पज्जित्थ। (पञ्ञिन्द्रियमूलकं)…पे॰…।
पवत्तिवारो निट्ठितो।
३. परिञ्ञावारो
१. पच्चुप्पन्नवारो
(क) अनुलोमं
४३५.(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो सोतिन्द्रियं परिजानातीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन सोतिन्द्रियं परिजानाति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति? नो।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति? नो।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति?
द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेन्ति, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानन्ति। अग्गमग्गसमङ्गी अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेति चक्खुन्द्रियञ्च परिजानाति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४३६.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति? नो।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति? नो।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेतीति? आमन्ता ।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति?
द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहन्ति। अनागामिमग्गसमङ्गी अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेति दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति? नो। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४३७.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति? नो।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति? नो। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४३८.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरोति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेतीति? नो। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) पच्चनीकं
४३९.(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति?
अनागामिमग्गसमङ्गी चक्खुन्द्रियं न परिजानाति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति। द्वे मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति?
अग्गमग्गसमङ्गी दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानाति। द्वे मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति?
अट्ठमको चक्खुन्द्रियं न परिजानाति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति। द्वे मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति?
अग्गमग्गसमङ्गी अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानाति। द्वे मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेतीति?
द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेन्ति। तयो मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति? आमन्ता।
४४०.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति?
अट्ठमको दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति। द्वे मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति?
अनागामिमग्गसमङ्गी अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति। द्वे मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेतीति?
द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेन्ति। तयो मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति? आमन्ता।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोतीति?
यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति। अनागामिमग्गसमङ्गिञ्च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरोन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति?
अनागामिमग्गसमङ्गी अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति। अनागामिमग्गसमङ्गिञ्च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरोन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४४१.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेतीति?
तयो मग्गसमङ्गिनो [तयो पुग्गला (पी॰)] अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेन्ति। चत्तारो मग्गसमङ्गिनो [अट्ठमकञ्च तयो मग्गसमङ्गिनो च (पी॰)] ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति?
अट्ठमको अञ्ञिन्द्रियं न भावेति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति। चत्तारो मग्गसमङ्गिनो ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोतीति?
यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति। अट्ठमकञ्च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरोन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति?
अट्ठमको अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति। अट्ठमकञ्च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरोन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४४२.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोतीति?
यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति। तयो मग्गसमङ्गिनो च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरोन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेतीति?
तयो मग्गसमङ्गिनो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरोन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेन्ति। तयो मग्गसमङ्गिनो च अरहन्तञ्च ठपेत्वा अवसेसा पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरोन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
२. अतीतवारो
(क) अनुलोमं
४४३.(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति ? आमन्ता।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति?
द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ। अरहा दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ चक्खुन्द्रियञ्च परिजानित्थ।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति?
छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ। अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ चक्खुन्द्रियञ्च परिजानित्थ।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?
यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ। यो अग्गफलं सच्छाकासि सो चक्खुन्द्रियञ्च परिजानित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? आमन्ता। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४४४.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति?
चत्तारो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ। तयो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति?
द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ। अरहा दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च भावित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति? आमन्ता।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?
तयो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ। अरहा दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति? आमन्ता। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४४५.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति?
छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ। अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च भावित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?
सत्त पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ। अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४४६.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति?
यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ। यो अग्गफलं सच्छाकासि सो अञ्ञिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) पच्चनीकं
४४७.(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?
द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ। छ पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
छ पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति?
यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ। अट्ठ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४४८.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
चत्तारो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति? आमन्ता।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?
द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ। छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?
तयो पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ। छ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४४९.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। द्वे पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४५०.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति?
यो अग्गफलं सच्छिकरोति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ। अट्ठ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
३. अनागतवारो
(क) अनुलोमं
४५१.(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सतीति?
द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सन्ति। पञ्च पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च परिजानिस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति?
छ पुग्गला चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते चक्खुन्द्रियञ्च परिजानिस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति ? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सतीति?
अग्गमग्गसमङ्गी अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानिस्सति। सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति चक्खुन्द्रियञ्च परिजानिस्सन्ति। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४५२.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति?
चत्तारो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहिस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सतीति?
द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सन्ति, पञ्च पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च भविस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहिस्सन्ति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सतीति?
तयो पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सन्ति। पञ्च पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहिस्सन्ति। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४५३.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति?
छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति?
सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४५४.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति ? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति?
अग्गमग्गसमङ्गी अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति। सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) पच्चनीकं
४५५.(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सतीति?
द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सन्ति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सन्ति। तयो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानिस्सन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति। आमन्ता।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सतीति।
छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सन्ति। तयो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानिस्सन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
अग्गमग्गसमङ्गी चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति। द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानिस्सन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानिस्सतीति? आमन्ता। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४५६.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सतीति?
चत्तारो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सन्ति । पञ्च पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। तयो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
तयो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सन्ति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सतीति? आमन्ता। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४५७.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। तयो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति? आमन्ता।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
सत्त पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। द्वे पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति? आमन्ता। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४५८.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
अग्गमग्गसमङ्गी अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति। द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति? आमन्ता। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
४. पच्चुप्पन्नातीतवारो
(क) अनुलोमं
४५९.(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति?
द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानन्ति। अग्गमग्गसमङ्गी दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ चक्खुन्द्रियञ्च परिजानन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति?
छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानन्ति। अग्गमग्गसमङ्गी अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ चक्खुन्द्रियञ्च परिजानाति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४६०.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति?
छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहन्ति। अनागामिमग्गसमङ्गी अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति? नो।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति? नो। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४६१.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति? नो।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति? नो। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४६२.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थाति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावेतीति? नो। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) पच्चनीकं
४६३.(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?
द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ। छ पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
छ पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति? आमन्ता।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति?
अरहा चक्खुन्द्रियं न परिजानाति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ। सत्त पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति?
अग्गमग्गसमङ्गी अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानाति। सत्त पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति?
अरहा चक्खुन्द्रियं न परिजानाति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ। अट्ठ पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ।
४६४.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
छ पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति? आमन्ता।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति?
अरहा दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ। सत्त पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति?
अनागामिमग्गसमङ्गी अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति। सत्त पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति?
अरहा दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ। अट्ठ पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति?
अनागामिमग्गसमङ्गी अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति। अट्ठ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४६५.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति?
अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ। सत्त पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति?
अट्ठमको अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति। सत्त पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति?
अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ। अट्ठ [सत्त (सी॰ स्या॰ क॰)] पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति?
अट्ठमको अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति। अट्ठ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४६६.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थाति?
अरहा अञ्ञिन्द्रियं न भावेति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ। छ [पञ्च (सी॰ स्या॰ क॰)] पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेतीति?
तयो मग्गसमङ्गिनो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेन्ति। छ [पञ्च (सी॰ स्या॰ क॰)] पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
५. पच्चुप्पन्नानागतवारो
(क) अनुलोमं
४६७.(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानाति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानातीति?
सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च चक्खुन्द्रियं परिजानन्ति। अग्गमग्गसमङ्गी अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सति चक्खुन्द्रियञ्च परिजानाति। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४६८.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति? नो।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति?
छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहन्ति अनागामिमग्गसमङ्गि अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति, दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहन्ति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहतीति?
सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहन्ति। अनागामिमग्गसमङ्गी अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सति दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहति। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४६९.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति?
छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेन्ति। अट्ठमको अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावेति।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेतीति?
सत्त पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेन्ति। अट्ठमको अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावेति। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४७०.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? आमन्ता।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं भावेतीति?
पञ्च पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावेन्ति। तयो मग्गसमङ्गिनो अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेन्ति। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) पच्चनीकं
४७१.(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सतीति?
पञ्च पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सन्ति। चत्तारो पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति?
अग्गमग्गसमङ्गी दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानाति। चत्तारो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते चक्खुन्द्रियं न परिजानन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। अट्ठ पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति?
अग्गमग्गसमङ्गी अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानाति। अट्ठ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानाति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
सत्त पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति । द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानातीति?
४७२.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। अट्ठ पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति?
अनागामिमग्गसमङ्गी अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति। अट्ठ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
छ पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। तयो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति? आमन्ता।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
सत्त पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहन्ति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहतीति? आमन्ता। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४७३.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेन्ति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। तयो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति? आमन्ता।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
सत्त पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेन्ति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। द्वे पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेतीति? आमन्ता। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४७४.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं न भावेति सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
पञ्च पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावेन्ति, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेन्ति अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेतीति? आमन्ता। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
६. अतीतानागतवारो
(क) अनुलोमं
४७५.(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं पजहिस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? नो।
(क) यो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो चक्खुन्द्रियं परिजानित्थाति? नो। (चक्खुन्द्रियमूलकं)
४७६.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति? नो।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति?
द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति। अनागामी दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति?
छ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ। अनागामी अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सति दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति?
अरहा दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति। द्वे पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थाति?
छ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं पजहित्थ। द्वे पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च पजहित्थ। (दोमनस्सिन्द्रियमूलकं)
४७७.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सतीति?
द्वे पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति। पञ्च पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सति। सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति?
द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं भावेस्सन्ति नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ। तयो पुग्गला अञ्ञिन्द्रियञ्च भावेस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति?
अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति। छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थाति?
द्वे पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं भावित्थ। छ पुग्गला अञ्ञाताविन्द्रियञ्च सच्छिकरिस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च भावित्थ। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४७८.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सतीति? नो।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं सच्छिकरिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं भावित्थाति? नो। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)
(ख) पच्चनीकं
४७९.(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सतीति ?
पञ्च पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सन्ति। चत्तारो पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति?
अरहा दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहिस्सति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ। चत्तारो पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहिस्सन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। अट्ठ पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति?
अरहा अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति, नो च चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ। अट्ठ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ।
(क) यो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
सत्त पुग्गला चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। द्वे पुग्गला चक्खुन्द्रियञ्च न परिजानित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो चक्खुन्द्रियं न परिजानित्थाति?
४८०.(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
ये पुथुज्जना मग्गं पटिलभिस्सन्ति ते दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। छ पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?
तयो पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावेस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ। छ पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
छ पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?
द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति, नो च दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ।
(क) यो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पज्जहित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
छ पुग्गला दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते दोमनस्सिन्द्रियञ्च नप्पजहित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो दोमनस्सिन्द्रियं नप्पजहित्थाति?
४८१.(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सतीति?
द्वे पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
द्वे पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावेस्सन्ति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावेस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ।
(क) यो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
द्वे पुग्गला अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थाति?
अरहा अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति, नो च अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियं न भावित्थ। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियञ्च न भावित्थ। (अनञ्ञातञ्ञस्सामीतिन्द्रियमूलकं)
४८२.(क) यो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ सो अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सतीति?
अट्ठ पुग्गला अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ, नो च अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सन्ति। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति।
(ख) यो वा पन अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति सो अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थाति?
अरहा अञ्ञाताविन्द्रियं न सच्छिकरिस्सति, नो च अञ्ञिन्द्रियं न भावित्थ। ये पुथुज्जना मग्गं न पटिलभिस्सन्ति ते अञ्ञाताविन्द्रियञ्च न सच्छिकरिस्सन्ति अञ्ञिन्द्रियञ्च न भावित्थ। (अञ्ञिन्द्रियमूलकं)।
परिञ्ञावारो।
इन्द्रिययमकं निट्ठितं।
यमकपकरणं निट्ठितं।